बरसात में बीमारी और सर्पदंश से रहें सतर्क: स्वास्थ्य विभाग ने जारी की एडवाइजरी, लक्षण दिखते ही अस्पताल पहुंचने की अपील
द्वारका न्यूज़ गुना

उबला पानी और ताजा भोजन करें, घर के आसपास पानी जमा न होने दें; सर्पदंश पर झाड़-फूंक से बचें और तत्काल अस्पताल ले जाएं
द्वारका न्यूज़ | प्रधान संपादक विक्रम सिंह तोमर | 5 सितंबर 2026 | गुना
गुना। बारिश के मौसम में उल्टी-दस्त, बुखार, डेंगू-मलेरिया और सर्पदंश की घटनाओं की आशंका को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने आमजन के लिए विशेष एडवाइजरी जारी की है। कलेक्टर किशोर कुमार कन्याल के निर्देशानुसार सीएमएचओ डॉ. राजकुमार ऋषिश्वर ने लोगों से सावधानी बरतने और बीमारी के लक्षण दिखाई देने पर तत्काल चिकित्सकीय सलाह लेने की अपील की है।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार बरसात का पानी पेयजल स्रोतों में मिलने तथा दूषित पानी और बासी भोजन के सेवन से उल्टी-दस्त जैसी बीमारियां बढ़ सकती हैं। इससे बचने के लिए पानी को 10 से 15 मिनट तक उबालकर ठंडा करने के बाद पीने, खाना खाने से पहले और शौच के बाद साबुन से हाथ धोने तथा ताजा और गर्म भोजन करने की सलाह दी गई है। खुले में रखी मिठाई, कटे फल-सब्जियां और अस्वच्छ खाद्य सामग्री से बचने को कहा गया है।
बुखार में कराएं जांच
बारिश के दौरान जगह-जगह पानी जमा होने से मलेरिया और डेंगू के मच्छरों का प्रजनन बढ़ सकता है। इसलिए घर और आसपास पानी जमा न होने दें। बुखार आने पर नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र या जिला चिकित्सालय में जांच एवं उपचार कराने की सलाह दी गई है।
सर्पदंश पर न करें झाड़-फूंक
स्वास्थ्य विभाग ने सर्पदंश को लेकर विशेष सावधानी बरतने को कहा है। रात में टॉर्च का उपयोग करें, पैरों को ढकने वाले जूते पहनें और घर-आसपास सफाई रखें। सर्पदंश होने पर घबराएं नहीं और झाड़-फूंक कराने, घाव काटने या चूसने, रक्तरोधक पट्टी बांधने, बर्फ लगाने अथवा मालिश करने से बचें।
सर्पदंश की स्थिति में मरीज को बिना समय गंवाए नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र, सिविल अस्पताल या जिला चिकित्सालय ले जाएं। स्वास्थ्य संस्थानों में सर्पदंश के उपचार के लिए एंटी स्नेक वेनम (ASV) उपलब्ध होने की जानकारी स्वास्थ्य विभाग ने दी है।









