भोपाल में स्टाइपंड को लेकर इंटर्न डॉक्टरों का हंगामा, सड़क पर उतरे MBBS छात्र; वॉटर कैनन चला तो लगा 1 किमी लंबा जाम
8 सितंबर 2026
द्वारका न्यूज़ | प्रधान संपादक विक्रम सिंह तोमर
भोपाल। राजधानी भोपाल में गांधी मेडिकल कॉलेज के MBBS इंटर्न डॉक्टरों ने स्टाइपंड बढ़ाने की मांग को लेकर सोमवार सुबह जोरदार प्रदर्शन किया। करीब 10 बजे बड़ी संख्या में इंटर्न डॉक्टर हमीदिया अस्पताल परिसर में एकत्र हुए और नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन शुरू कर दिया। देखते ही देखते प्रदर्शन उग्र हो गया और पुलिस को मोर्चा संभालना पड़ा।
इंटर्न डॉक्टरों की बढ़ती भीड़ को देखते हुए हमीदिया अस्पताल परिसर और मुख्य गेट पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया। प्रदर्शनकारियों को बाहर जाने से रोकने के लिए बैरिकेडिंग की गई और गेट पर ताला तक लगाया गया। इसके बावजूद डॉक्टर पीछे नहीं हटे और मार्च करते हुए कमला पार्क तथा शीतल दास की बगिया तक पहुंच गए।
₹14,337 से ₹30 हजार स्टाइपंड की मांग
प्रदर्शनकारी इंटर्न डॉक्टरों का कहना है कि वर्तमान में उन्हें ₹14,337 प्रतिमाह स्टाइपंड मिल रहा है, जिसे बढ़ाकर ₹30 हजार किया जाना चाहिए। डॉक्टरों ने स्पष्ट किया कि लिखित आश्वासन मिलने के बाद ही प्रदर्शन समाप्त किया जाएगा। मेडिकल टीचर एसोसिएशन ने भी वीडियो जारी कर इंटर्न डॉक्टरों की मांग का समर्थन किया है।
प्रदर्शन से यातायात व्यवस्था चरमराई
सड़क पर प्रदर्शनकारियों के पहुंचने से दोनों तरफ करीब एक किलोमीटर लंबा जाम लग गया। बड़ी संख्या में वाहन फंस गए और राहगीरों को परेशानी का सामना करना पड़ा। स्थिति नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने हल्का बल प्रयोग किया और बाद में वॉटर कैनन से पानी की बौछार कर प्रदर्शनकारियों को पीछे हटाने का प्रयास किया।
पुलिस वाहनों के रॉन्ग साइड चलने पर उठे सवाल
जाम के बीच पुलिस अधिकारियों की गाड़ियों समेत कई वाहन रॉन्ग साइड से निकलते दिखाई दिए। इससे यातायात व्यवस्था संभालने वाले प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हुए। अब बड़ा सवाल यही है कि प्रदर्शन नियंत्रित करने के साथ बिगड़ी ट्रैफिक व्यवस्था संभालने की जिम्मेदारी आखिर किसकी थी?









