50 लाख परिवारों को ‘मालिकाना हक’ का तोहफा
द्वारका न्यूज़ | प्रधान संपादक – विक्रम सिंह तोमर
17 सितंबर 2026

स्वामित्व योजना से फ्री रजिस्ट्री की शुरुआत, इंदौर में आज बड़ा आयोजन; पटवारियों के विरोध से सियासत और प्रशासन में हलचल
इंदौर। मध्यप्रदेश के गांवों में पीढ़ियों से मकान और आबादी भूमि पर रह रहे लाखों परिवारों के लिए आज का दिन अहम है। स्वामित्व योजना के तहत प्रदेश में करीब 50 लाख निजी संपत्तियों की निःशुल्क रजिस्ट्री की प्रक्रिया शुरू होने जा रही है। योजना का राज्य स्तरीय शुभारंभ इंदौर में भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की मौजूदगी में होगा।
30 हजार लोगों को मिलेगा जमीनी हक
इंदौर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान करीब 30 हजार लोगों को संपत्ति संबंधी अधिकार मिलने की बात सामने आई है। योजना का उद्देश्य ग्रामीण आबादी क्षेत्रों में वर्षों से रह रहे परिवारों को उनकी संपत्ति का वैध दस्तावेज उपलब्ध कराना है।
ड्रोन सर्वे से तैयार हुआ रिकॉर्ड
स्वामित्व योजना के तहत गांवों की आबादी भूमि का ड्रोन सर्वे कराया गया। इसके आधार पर अधिकार अभिलेख यानी प्रॉपर्टी कार्ड तैयार किए गए हैं। मध्यप्रदेश में अब तक 68.11 लाख अधिकार अभिलेख स्वीकृत होने की जानकारी दी गई है। इनमें 48.32 लाख रिकॉर्ड निजी संपत्तियों से संबंधित बताए गए हैं।
एक तरफ जश्न, दूसरी तरफ पटवारियों का विरोध
योजना से लाभ पाने वाले परिवारों में उत्साह का माहौल है, लेकिन इसके क्रियान्वयन को लेकर पटवारी विरोध भी सामने आया है। ऐसे में सरकार के लिए एक साथ बड़े पैमाने पर रजिस्ट्री प्रक्रिया को आगे बढ़ाना प्रशासनिक चुनौती बन गया है।
क्यों जरूरी थी योजना?
ग्रामीण क्षेत्रों में आबादी भूमि पर वर्षों से रहने वाले अनेक परिवारों के पास अपनी संपत्ति का पंजीकृत कानूनी दस्तावेज नहीं था। इसी समस्या के समाधान के लिए केंद्र सरकार ने 2020 में स्वामित्व योजना शुरू की थी। अब प्रॉपर्टी कार्ड मिलने से संपत्ति के अधिकार का दस्तावेजी रिकॉर्ड तैयार होगा।







