न्यायमूर्ति बी.आर. गवई होंगे भारत के 52वें मुख्य न्यायाधीश, भारत के प्रथम बौद्ध धर्म के न्यायाधीश बने 

👇समाचार सुनने के लिए यहां क्लिक करें

न्यायमूर्ति बी.आर. गवई होंगे भारत के 52वें मुख्य न्यायाधीश, भारत के प्रथम बौद्ध धर्म के न्यायाधीश बने 

प्रधान संपादक विक्रम सिंह तोमर 

भारत के मुख्य न्यायाधीश संजीव खन्ना ने न्यायमूर्ति भूषण रामकृष्ण गवई को 52वें CJI के रूप में नियुक्त करने की सिफारिश की है।

 

न्यायमूर्ति बी.आर. गवई वर्तमान में सर्वोच्च न्यायालय के दूसरे सबसे वरिष्ठ न्यायाधीश हैं और न्यायमूर्ति के.जी. बालाकृष्णन (वर्ष 2007) के बाद दूसरे दलित मुख्य न्यायाधीश बनेंगे।

न्यायमूर्ति बी.आर. गवई द्वारा दिये गए प्रमुख निर्णय: उन्होंने वर्ष 2016 की नोटबंदी को बरकरार रखा और वह उस पीठ का हिस्सा हैं जिसने अनुच्छेद 370 को निरस्त करने को सही ठहराया था।

वह उस संविधान पीठ का हिस्सा थे जिसने चुनावी बॉण्ड योजना को रद्द कर दिया था (एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स बनाम भारत संघ)।

पंजाब राज्य बनाम दविंदर सिंह (2024) मामले में, उन्होंने सकारात्मक कार्यवाही में \”वास्तविक समानता\” सुनिश्चित करने के लिये SC/ST पर क्रीमी लेयर सिद्धांत लागू करने की वकालत की।

भारत के मुख्य न्यायाधीश

 

मुख्य न्यायाधीश सहित सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश की नियुक्ति राष्ट्रपति द्वारा अनुच्छेद 124 (2) के तहत की जाती है।

वरिष्ठतम न्यायाधीश को सेवा की अवधि के आधार पर मुख्य न्यायाधीश के रूप में नामित किया जाता है (यह एक परिपाटी है, कानूनी आवश्यकता नहीं)।

मुख्य न्यायाधीश के रूप में अर्हता प्राप्त करने के लिये व्यक्ति को भारत का नागरिक होना चाहिये, 5 वर्षों तक उच्च न्यायालय के न्यायाधीश या 10 वर्षों तक अधिवक्ता के रूप में कार्य किया होना चाहिये, या राष्ट्रपति की राय में प्रतिष्ठित विधिवेत्ता होना चाहिये।

मुख्य न्यायाधीश को राष्ट्रपति द्वारा केवल संसद के दोनों सदनों में विशेष बहुमत द्वारा समर्थित अभिभाषण के बाद ही हटाया जा सकता है।

और पढ़ें: भारत के मुख्य न्यायाधीश की नियुक्ति

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

Vikram singh tomar
Author: Vikram singh tomar

DWARKA NEWS NATIONAL NETWORK

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

और पढ़ें