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टोइंग के नाम पर नगर पालिका ठेकेदार की दबंगई! कार खींचते वक्त टूटा बंपर-हेडलाइट, हर्जाना मांगने पर धमकी का आरोप

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टोइंग के नाम पर दबंगई! कार खींचते वक्त टूटा बंपर-हेडलाइट, हर्जाना मांगने पर धमकी का आरोप

 द्वारका न्यूज़ प्रधान संपादक विक्रम सिंह तोमर 30 सितंबर 2026 

पीड़ित का दावा—“भाजपा नेता का भतीजा हूं, जो करना है कर ले”; न चालान की पर्ची मिली, न रसीद

 

गुना। शहर की यातायात व्यवस्था सुधारने के लिए संचालित टोइंग व्यवस्था को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। बस स्टैंड क्षेत्र में एक कार को टो करने के दौरान वाहन क्षतिग्रस्त होने और विरोध करने पर टोइंग कर्मचारियों द्वारा धमकी दिए जाने का आरोप सामने आया है। पीड़ित गौरव साहू ने मामले की शिकायत करते हुए कार्रवाई और वाहन के नुकसान की भरपाई की मांग की है।

पीड़ित के अनुसार वह सत्यम होटल के पास अपनी कार क्रमांक MP 32-1053 को सड़क किनारे खड़ी कर महज दो मिनट के लिए ऑनलाइन पेमेंट करने गए थे। उनका कहना है कि कार चालू हालत में थी, लॉक खुला था और शीशे भी नीचे थे। इसी दौरान टोइंग वाहन के कर्मचारियों ने कार में लंगर फंसाकर उसे खींचना शुरू कर दिया। इस दौरान कार का अगला बंपर, बॉडी और हेडलाइट क्षतिग्रस्त हो गई।

गौरव साहू का दावा है कि जिस स्थान पर कार खड़ी थी, वहां उन्हें कोई स्पष्ट नो-पार्किंग बोर्ड अथवा सड़क पर पार्किंग प्रतिबंध दर्शाने वाली लाइन नजर नहीं आई। नुकसान होने के बाद उन्होंने टोइंग कर्मचारी धाकड़ से विरोध दर्ज कराया और हर्जाने की मांग की।

“एफआईआर करा दे, एक रुपया नहीं दूंगा”

पीड़ित का आरोप है कि विरोध करने पर कर्मचारी ने कथित रूप से दबंगई दिखाते हुए कहा कि वह भाजपा नेता का भतीजा है और “जो करना है कर ले।” पीड़ित के अनुसार उसे एफआईआर कराने की चुनौती भी दी गई तथा वाहन के नुकसान का कोई हर्जाना देने से इनकार किया गया।

पीड़ित का यह भी आरोप है कि कार्रवाई के दौरान उसे न तो चालान की पर्ची दी गई और न ही कोई रसीद सौंपी गई।

टोइंग व्यवस्था पर उठे सवाल

घटना के बाद शहर में टोइंग व्यवस्था की कार्यप्रणाली को लेकर सवाल उठ रहे हैं। नागरिकों का कहना है कि यातायात व्यवस्था बनाए रखने के लिए की जाने वाली कार्रवाई पारदर्शी और नियमानुसार होनी चाहिए। वाहन क्षतिग्रस्त होने या कर्मचारियों द्वारा अभद्रता के आरोपों की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदारी तय की जानी चाहिए।

अब सवाल यह है कि क्या संबंधित विभाग मामले की जांच कर वाहन में हुए नुकसान, चालान प्रक्रिया और टोइंग कर्मचारियों के व्यवहार की वास्तविकता सामने लाएगा?

Vikram singh tomar
Author: Vikram singh tomar

DWARKA NEWS NATIONAL NETWORK

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