कागजों में खुल गया सीएचसी, ₹14.62 लाख का बजट भी जारी
द्वारका न्यूज़ प्रधान संपादक विक्रम सिंह तोमर 1 अक्टूबर 2026

धरातल पर अस्तित्व ही नहीं, फिर भी उपकरण और फर्नीचर की लंबी सूची; स्वास्थ्य संचालनालय के आदेश से अफसर हैरान
गुना। मध्यप्रदेश स्वास्थ्य विभाग के संचालनालय से स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार और उपकरण खरीदी को लेकर ऐसा मामला सामने आया है, जिसने विभागीय कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। भोपाल स्थित लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा संचालनालय ने गुना जिले में एक ऐसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) राजपुर के नाम पर चिकित्सीय उपकरण, फर्नीचर और कार्यालय सामग्री के लिए ₹14 लाख 62 हजार 552 का बजट आवंटित कर दिया, जो विभागीय रिकॉर्ड के अनुसार धरातल पर संचालित ही नहीं है।
राजपुर सीएचसी के नाम पर सामग्री की सूची
मामला वित्तीय वर्ष 2025-26 में कैटेगरी-सी के तहत स्वास्थ्य केंद्रों के सुदृढ़ीकरण से जुड़ा है। उप संचालक अस्पताल प्रशासन, भोपाल के हस्ताक्षर से जारी जिलावार आवंटन आदेश में सीएचसी राजपुर को सक्रिय स्वास्थ्य संस्था के रूप में शामिल किया गया है। इसके लिए बड़ी संख्या में मेडिकल उपकरण, फर्नीचर और कार्यालय सामग्री निर्धारित की गई है।
न मांग, न गैप असेसमेंट—फिर कैसे हुआ आवंटन?
विभागीय प्रक्रिया के अनुसार किसी स्वास्थ्य केंद्र को बजट या उपकरण उपलब्ध कराने से पहले वहां उपलब्ध संसाधनों का भौतिक सत्यापन और गैप असेसमेंट किया जाता है। इसके आधार पर जिला स्तर से मांग पत्र भेजा जाता है। लेकिन इस मामले में जिला स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि सीएचसी राजपुर नाम की कोई संचालित स्वास्थ्य संस्था ही नहीं है। ऐसे में बिना स्थानीय मांग और मैदानी सत्यापन के बजट आवंटन किए जाने से विभागीय प्रक्रिया पर सवाल उठ रहे हैं।
सीएमएचओ ने संचालनालय को भेजा पत्र
मामला सामने आने के बाद सीएमएचओ डॉ. राजकुमार ऋषिश्वर ने स्वास्थ्य संचालनालय को आधिकारिक पत्र भेजकर स्थिति स्पष्ट की है। पत्र में बताया गया है कि गुना जिले में सीएचसी राजपुर नाम से कोई स्वास्थ्य संस्था संचालित नहीं है। साथ ही आवंटन और सामग्री के संबंध में संचालनालय से अग्रिम दिशा-निर्देश एवं मार्गदर्शन मांगा गया है।
> 📌 मुख्य तथ्य
आवंटित बजट: ₹14,62,552
स्वास्थ्य केंद्र: सीएचसी राजपुर
स्थिति: सीएमएचओ के अनुसार ऐसी संस्था संचालित नहीं
मामला: उपकरण, फर्नीचर एवं कार्यालय सामग्री का आवंटन
कार्रवाई: संचालनालय से मार्गदर्शन मांगा गया







