बालाजी हॉस्पिटल में तोड़फोड़ पर पुलिस का शिकंजा
महिला मरीज की मौत के बाद हंगामा, चक्काजाम और अस्पताल में लाखों की संपत्ति को नुकसान; पांच नामजद समेत कई पर FIR
गुना | द्वारका न्यूज़ | 3 अक्टूबर 2026
द्वारका न्यूज़ | जनता की आवाज

प्रधान संपादक — विक्रम सिंह तोमर

गुना के बालाजी हॉस्पिटल में महिला मरीज की मौत के बाद हुए हंगामे और तोड़फोड़ के मामले में कोतवाली पुलिस ने कार्रवाई करते हुए महेश ओझा, प्रदीप ओझा, सतीश ओझा, संजीव ओझा और धर्मवीर सिंह ढिलों सहित कई अज्ञात लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की है। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया है।
मौत के बाद अस्पताल में हंगामा
मामला 27 सितंबर को सामने आया था। आरोन क्षेत्र के भादौर गांव निवासी 26 वर्षीय राजकुमारी बाई की तबीयत बिगड़ने के बाद परिजन उन्हें बालाजी हॉस्पिटल लेकर पहुंचे थे, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। मौत के बाद परिजनों ने इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए अस्पताल में हंगामा किया था।
वेंटिलेटर, कंप्यूटर और कूलर में तोड़फोड़
आक्रोशित लोगों ने अस्पताल परिसर में रखे सामान को नुकसान पहुंचाया। रिपोर्टों के मुताबिक वेंटिलेटर, कंप्यूटर और कूलर सहित अन्य सामान में तोड़फोड़ की गई। अस्पताल प्रबंधन ने नुकसान लाखों रुपये में होने की बात कही थी।
इसके बाद प्रदर्शनकारियों ने शव को ओवरब्रिज पर रखकर चक्काजाम कर दिया, जिससे सड़क पर यातायात प्रभावित हुआ। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की समझाइश के बाद जाम खुलवाया गया और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया।
इन धाराओं में केस दर्ज
BNS की धारा 296(A), 324(5), 351(2), 126(2), 191(2) और 190 के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है।
डॉक्टरों ने की थी कार्रवाई की मांग
घटना के बाद डॉक्टरों और निजी चिकित्सा संगठनों ने पुलिस प्रशासन को ज्ञापन देकर अस्पताल में तोड़फोड़ करने वालों के खिलाफ कार्रवाई तथा नुकसान की भरपाई की मांग की थी। अब कोतवाली पुलिस ने जांच के बाद FIR दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।







