गुना में जाली नोटों का खेल बेनकाब: 47 नकली नोटों के साथ जालसाज गिरफ्तार

ढाबे पर 100 का संदिग्ध नोट चलाने पहुंचा था आरोपी, तलाशी में निकली 4,700 रुपये की नकली करेंसी
गुना | द्वारका न्यूज़ | प्रधान संपादक विक्रम सिंह तोमर | 4 अक्टूबर 2026
गुना में बाजार में जाली नोट खपाने की कोशिश को कोतवाली पुलिस ने समय रहते नाकाम कर दिया। पुलिस ने बस स्टैंड स्थित पंजाबी ढाबे पर संदिग्ध तरीके से 100 रुपये का नोट चलाने पहुंचे एक युवक को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से 100-100 रुपये के कुल 47 जाली नोट बरामद किए हैं। बरामद नकली नोटों की कुल अंकित राशि 4,700 रुपये है।
पुलिस अधीक्षक श्रीमती हितिका वासल के निर्देशन में थाना प्रभारी निरीक्षक राजकुमार शर्मा एवं उनकी टीम ने यह कार्रवाई की।
ढाबे पर चलाया जाली नोट, शक होते ही पहुंची पुलिस
पुलिस के अनुसार, 3 अक्टूबर की रात गुना बस स्टैंड स्थित पंजाबी ढाबे पर एक व्यक्ति द्वारा जाली नोट चलाए जाने की सूचना कोतवाली पुलिस को मिली थी। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और संदिग्ध को हिरासत में लेकर पूछताछ की।
पूछताछ में आरोपी की पहचान चंद्रेश पुत्र रामबाबू अहिरवार, उम्र 30 वर्ष, निवासी ग्राम बरखेड़ी गिर्द, थाना बजरंगगढ़, जिला गुना के रूप में हुई।
ढाबा संचालक ने पुलिस को बताया कि आरोपी खाना खाने के बाद भुगतान के लिए 100 रुपये का एक नोट दे रहा था, जो देखने में संदिग्ध प्रतीत हुआ। जांच में नोट जाली पाया गया। इसके बाद पुलिस ने आरोपी की विधिवत तलाशी ली तो उसके कब्जे से 100 रुपये के 46 और जाली नोट बरामद हुए।
अब नकली नोटों के पूरे नेटवर्क की तलाश
पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर उसके खिलाफ गुना कोतवाली में अपराध क्रमांक 606/26, धारा 180 बीएनएस के तहत प्रकरण दर्ज किया है। आरोपी को न्यायालय में पेश कर पुलिस रिमांड हासिल किया गया है।
पुलिस अब आरोपी से पूछताछ कर यह पता लगाने में जुटी है कि जाली नोट उसे कहां से मिले, इन्हें बाजार में कहां-कहां खपाया गया और इस गतिविधि में उसके साथ कोई अन्य व्यक्ति या गिरोह भी शामिल है या नहीं।
इनकी रही अहम भूमिका
कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक राजकुमार शर्मा, सउनि हरिचरण मीना, सउनि अमर सिंह भदौरिया, आरक्षक नवदीप अग्रवाल, विनय जाट, अंकित लोधी, अजय सिकरवार एवं अमित कुशवाह की सराहनीय भूमिका रही।







