*धरनावदा थाना पुलिस की थाना क्षेत्र में अवैध शराब बिक्रय की सूचना पर प्रभावी कार्यवाही*
प्रधान संपादक विक्रम सिंह तोमर
जिला संपादक संदेश झा
*बाइक पर हाथ भट्टी की 60 लीटर अवैध कच्ची शराब के साथ आरोपी किया गिरफ्तार*
पुलिस अधीक्षक श्री अंकित सोनी के दिशा निर्देशन में गुना पुलिस द्वारा जिले में विभिन्न अवैध अथवा अनैतिक गतिविधियों में संलिप्त माफियाओं, कारोबारियों, तस्करों आदि की गतिविधियों पर सतत निगाहें रखते हुए जिन पर निरंतर कार्यवाहियां की जा रहीं हैं । इसी तारतम्य में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री मानसिंह ठाकुर के मार्गदर्शन एवं एसडीओपी राघौगढ़ श्रीमति दीपा डोडवे के पर्यवेक्षण में जिले के जिले के धरनावदा थाना प्रभारी उपनिरीक्षक प्रभात कटारे एवं उनकी टीम द्वारा थाना क्षेत्र में अवैध शराब बिक्रय की सूचना पर त्वरित व प्रभावी कार्यवाही कर बाईक पर हाथ भट्टी की 60 लीटर अवैध कच्ची शराब लेकर उसे बेचने की फिराक में एक शराब तस्कर गिरफ्तार किया गया है ।
गौरतलब है कि बीती रात जिले के धरनावदा थाना पुलिस को थाना क्षेत्र के ग्राम बोरखेड़ा के पास जंगल में रोड़ किनारे एक व्यक्ति के हीरो स्प्लेण्डर मोटर सायकिल क्रमांक MP08 ZE 7918 पर बड़ी-बड़ी दो केनों में अवैध शराब लेकर उसे बेचने की फिराक में खड़े होने की सूचना पर धरनावदा थाने से पुलिस की एक टीम द्वारा तत्काल ग्राम बोरखेड़ा के पास जंगल में मुखबिर की बताई जगह पर दविस दी और जहां पर बाइक पर दो केंनो के साथ खड़े व्यक्ति को धरदबोच लिया, जिसने पूछताछ पर अपना नाम गोकुल पुत्र कैलाश मोंगिया उम्र 32 साल निवासी रेलवे फाटक के पास रूठियाई थाना धरनावदा जिला गुना का होना बताया । जिसकी बाइक पर बंधी हुई दोंनो केनों को चैक करने उनमें हाथ भट्टी की बनी कुल 60 लीटर अवैध कच्ची शराब भरी हुई पाई गई । आरोपी गोकुल मोंगिया का यह कृत्य आबकारी एक्ट के तहत दंडनीय होने से पुलिस द्वारा आरोपी गोकुल मोंगिया को गिरफ्तार किया एवं जिससे 60 लीटर अवैध कच्ची शराब एवं शराब तस्करी में प्रयुक्त मोटर सायकिल को विधिवत जप्त कर आरोपी के विरुद्ध अपराध क्रमांक 121/25 धारा 34(2) आबकारी अधिनियम के तहत अपराध दर्ज कर जिसे माननीय न्यायालय पेश किया गया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया है ।
अवैध शराब के विरूद्ध धरनावदा थाना पुलिस की उपरोक्त कार्यवाही में थाना प्रभारी उपनिरीक्षक प्रभात कटारे, प्रधान आरक्षक देवेन्द्र सिंह सिकरवार, आरक्षक धर्मेन्द्र धाकड़, आरक्षक सत्येन्द्र गुर्जर, आरक्षक अब्दुल शाबिर एवं आरक्षक सुंदर रमन की महत्वपूर्ण भूमिका रही ।









