अंतरराष्ट्रीय मादक द्रव्य निषेध एवं तस्करी रोकथाम दिवस के अवसर पर नशा मुक्त गुना जिला अभियान के अंतर्गत युवाओं को दिलाई गई
नशा मुक्ति की शपथ-
द्वारका न्यूज़ डिजिटल मीडिया
प्रधान संपादक विक्रम सिंह तोमर
सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग गुना मध्य प्रदेश के अंतर्गत प्राप्त दिशा निर्देशों का पालन करते हुए द्वारका दिव्यांग पुनर्वास एवं नशा मुक्ति केंद्र गुना के द्वारा गुना जिले के अनेक स्थानों पर नशा मुक्त भारत अभियान के तहत नशा मुक्ति युवा कार्यक्रमों का संचालन किया गया और 100 से अधिक लोगों को नशा मुक्ति की शपथ दिलाई गई
सरकार 26 जून, 2025 को अंतरराष्ट्रीय मादक द्रव्य निषेध एवं तस्करी रोकथाम दिवस मनाएगी
जून 2025 में नशा मुक्त भारत अभियान को जन-आंदोलन बनाने के लिए देश भर में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे
अब तक 15.78 करोड़ से अधिक लोगों को मादक पदार्थों के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक किया गया है; इस कार्य के लिए 20,000 से अधिक मास्टर स्वयंसेवकों की पहचान की गई और उन्हें प्रशिक्षित किया गया
दिनांक 26 जून 2025 को द्वारका नशा मुक्ति केंद्र गुना के द्वारा एक दर्जन से अधिक स्कूलों कोचिंग संस्थान और सार्वजनिक पार्क में नशा मुक्ति शपथ कार्यक्रम के अंतर्गत नुक्कड़ नाटक एवं नशे के खिलाफ हमारी जंग विषय पर संभाषण कार्यक्रम आयोजन किया गया
सामाजिक न्याय और अधिकारिता विभाग 26 जून, 2025 को नई दिल्ली के डॉ. अंबेडकर अंतरराष्ट्रीय केंद्र में अंतरराष्ट्रीय मादक द्रव्य निषेध एवं तस्करी रोकथाम दिवस के अवसर पर एक कार्यक्रम आयोजित कर रहा है। केंद्रीय सामाजिक न्याय और अधिकारिता राज्य मंत्री श्री बी.एल. वर्मा विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में मुख्य अतिथि के रूप में इस कार्यक्रम में हिस्सा लेंगे।
सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय देश में नशीली दवाओं की मांग में कमी लाने के नशीली दवाओं के दुरुपयोग की रोकथाम, समस्या का आकलन, निवारक कार्रवाई, उपयोगकर्ताओं के उपचार और पुनर्वास, सूचना के प्रसार के सभी पहलुओं का समन्वय और निगरानी करता है।
- मंत्रालय ने नशा मुक्त भारत अभियान (एनएमबीए) शुरू किया है जो वर्तमान में देश के सभी जिलों में युवाओं को मादक पदार्थों के सेवन के दुष्प्रभावों के बारे में जागरूक करने के उद्देश्य से काम कर रहा है। इस अभियान में उच्च शिक्षा संस्थानों, विश्वविद्यालय परिसरों, स्कूलों और समुदाय तक पहुंच बनाने और सामुदायिक भागीदारी पर विशेष ध्यान दिया गया है।









