विषय: गुना पुलिस अधीक्षक अंकित सोनी के गलत तरीके से स्थानांतरण के विरोध में आम जनता की आवाज
गुना। हाल ही में गुना के पुलिस अधीक्षक अंकित सोनी जी का हवाला प्रकरण में कथित रूप से झूठे आरोप लगाकर किया गया स्थानांतरण शहर की आम जनता के बीच गहरी चिंता और आक्रोश का विषय बन गया है।
शहरवासियों का मानना है कि यह निर्णय न केवल अन्यायपूर्ण है, बल्कि जनहित के खिलाफ भी है। अंकित सोनी जी के कार्यकाल में गुना जिले में कानून व्यवस्था में उल्लेखनीय सुधार देखने को मिला। उनके नेतृत्व में अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित हुआ तथा आम नागरिकों में सुरक्षा की भावना मजबूत हुई।
विशेष रूप से नशा मुक्त भारत अभियान के तहत उन्होंने जो सख्त कदम उठाए, उससे जिले में नशे के खिलाफ बड़ी सफलता हासिल हुई। युवाओं को नशे से दूर करने और समाज को सुरक्षित बनाने के लिए उनके प्रयास सराहनीय रहे हैं।
स्थानीय नागरिकों, सामाजिक संगठनों एवं जनप्रतिनिधियों का कहना है कि एक ईमानदार और कर्तव्यनिष्ठ अधिकारी को इस प्रकार झूठे आरोपों में फंसाकर स्थानांतरित करना उचित नहीं है। जनता की स्पष्ट मांग है कि इस निर्णय पर पुनर्विचार किया जाए तथा उनका स्थानांतरण तत्काल प्रभाव से रोका जाए।
अंत में, गुना की जनता ने शासन-प्रशासन मुख्यमंत्री मोहन यादव से अपील की है कि जनभावनाओं का सम्मान करते हुए न्यायपूर्ण निर्णय लिया जाए, जिससे जिले में सुशासन और सुरक्षा व्यवस्था बनी रहे।
— संपूर्ण आम नागरिक, गुना शहर









