📰 द्वारका न्यूज़ नेशनल नेटवर्क | विशेष रिपोर्ट
गुना मंडी में बंपर आवक से बिगड़े हालात, गेहूं के दाम गिरे — किसानों का फूटा गुस्सा, एबी रोड पर चक्काजाम
प्रधान संपादक विक्रम सिंह तोमर
5 अप्रैल 2026
गुना। लंबी छुट्टियों के बाद सोमवार को कृषि उपज मंडी खुलते ही हालात बेकाबू हो गए। मंडी में गेहूं की बंपर आवक ने व्यवस्थाओं की पोल खोल दी, वहीं अचानक गिरे दामों ने किसानों का गुस्सा भड़का दिया। स्थिति इतनी बिगड़ गई कि नाराज किसानों ने एबी रोड पर चक्काजाम कर दिया, जिससे यातायात पूरी तरह ठप हो गया।
शनिवार शाम तक ही मंडी परिसर पूरी तरह भर चुका था, जिसके बाद हजारों ट्रैक्टर-ट्रॉलियां सड़कों पर खड़ी हो गईं। सोमवार दोपहर तक यह अव्यवस्था जाम में तब्दील हो गई। पुलिस और प्रशासन को मौके पर पहुंचकर सख्ती और समझाइश के जरिए जाम खुलवाना पड़ा।
👉 भाव में बड़ी गिरावट से किसानों में आक्रोश
जहां शनिवार को गेहूं के दाम 2600 से 3200 रुपए प्रति क्विंटल तक पहुंचे थे, वहीं सोमवार को गिरकर 2200 से 2600 रुपए रह गए। इस गिरावट से किसान खासे नाराज दिखे।
करोंद के किसान महादीप रघुवंशी का आरोप है कि व्यापारी 2000 रुपए से बोली शुरू कर रहे हैं, जिससे किसानों को भारी नुकसान हो रहा है। किसानों की मांग है कि गेहूं का न्यूनतम भाव 2500 रुपए से ऊपर तय किया जाए।
👉 दो-दो दिन से ट्रॉलियों में इंतजार, सुविधाओं का अभाव
पटना निवासी बलवीर यादव ने बताया कि वे दो दिन से मंडी में खड़े हैं, लेकिन अब तक फसल की नीलामी नहीं हो पाई। घर में शादी होने के कारण पैसों की सख्त जरूरत है, लेकिन कम भाव ने मुश्किल बढ़ा दी है।
वहीं पीलीघाटा के महेंद्र सिंह ने भी अव्यवस्थाओं पर सवाल उठाते हुए कहा कि न समय पर डाक हो रही है और न ही पानी-खाने की पर्याप्त व्यवस्था है। किसानों को रातभर मच्छरों के बीच गुजारना पड़ रहा है।
👉 पुलिस पर मारपीट के आरोप
चक्काजाम के दौरान कुछ किसानों ने आरोप लगाया कि पुलिस ने जबरन उन्हें उठाया और मारपीट भी की, जिससे आक्रोश और बढ़ गया।
👉 प्रशासन हरकत में, बैठक में निकला समाधान
स्थिति बिगड़ने पर एसडीएम शिवानी पांडे मौके पर पहुंचीं और किसानों व व्यापारियों के साथ बैठक की। बैठक में तय हुआ कि गेहूं के दाम पूरी तरह गुणवत्ता के आधार पर निर्धारित होंगे। समझाइश के बाद किसान शांत हुए और मंडी में नीलामी प्रक्रिया दोबारा शुरू हो गई।
👉 मंडी में वैकल्पिक व्यवस्था लागू
मंडी सचिव आरपी सिंह के अनुसार, मंडी की सीमित क्षमता के कारण दबाव बढ़ा है। कलेक्टर के निर्देश पर ट्रैक्टर-ट्रॉलियों को दशहरा मैदान और बीज निगम की जमीन पर शिफ्ट किया गया है। वहां टेंट, लाइट, पानी और चलित प्याऊ की व्यवस्था की गई है, साथ ही शौचालय के लिए नगरपालिका को निर्देश दिए गए हैं।
👉 फिलहाल स्थिति नियंत्रण में, लेकिन चिंता बरकरार
प्रशासन की तत्परता से हालात फिलहाल काबू में हैं, लेकिन बंपर आवक और भाव में उतार-चढ़ाव के कारण किसानों की चिंता अभी भी बनी हुई है।
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