गुना कृषि उपज मंडी में नगदी की समस्या पर किसान और व्यापारियों ने डाक नीलामी रोकी

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गुना कृषि उपज मंडी में नगदी की समस्या पर किसान और व्यापारियों ने डाक नीलामी रोकी 

 द्वारका न्यूज़ नेशनल नेटवर्क

प्रधान संपादक विक्रम सिंह तोमर

17 अप्रैल 2026

गुना

कृषि उपज मंडी समिति गुना में शुक्रवार को उस समय हंगामे की स्थिति खड़ी हो गई, जब व्यापारियों ने नगदी की कमी को लेकर डाक (नीलामी) रोक दी।

पिछले कुछ दिनों से बैंकों द्वारा पर्याप्त नगदी उपलब्ध नहीं कराए जाने से व्यापारी परेशान हैं, जिसका सीधा असर अब मंडी परिचालन व्यवस्था पर दिखाई देने लगा है। डाक नीलामी बंद होने से बड़ी संख्या में किसान और व्यापारी मंडी कार्यालय के सामने एकत्रित हो गए और घंटों तक विरोध एवं अफरा-तफरी का माहौल बना रहा।

व्यापारियों का कहना है कि बैंकों से उन्हें जरूरत के अनुसार नगदी नहीं मिल पा रही है। प्रत्येक व्यापारी को 5 लाख से 10 लाख रुपए ही दिए जा रहे हैं, जबकि मंडी में किसानों को भुगतान करने के लिए इससे कहीं अधिक राशि की आवश्यकता होती है। कई बार बैंक नगदी देने से मना भी कर देतें हैं।

साथ ही मंडियो में व्यापारियों की सुरक्षा के संबंध में कोई व्यवस्था नहीं है एक पुलिस चौकी बनाई गई थी वह भी वर्षों से बंद पड़ी है ऐसे में किसानों को नगद भुगतान करना व्यापारियों के लिए मुश्किल हो गया है। उनका कहना है कि इतनी राशि तो बड़े व्यापारियों की मजदूरी और अन्य खर्चों में ही निकल जाती है।

व्यापारियों ने स्पष्ट किया कि या तो पूरी तरह नगद भुगतान की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए या फिर 100 % आरटीजीएस के माध्यम से भुगतान की प्रक्रिया को अनिवार्य कर दिया जाए। वर्तमान स्थिति में दोनों व्यवस्थाओं के बीच तालमेल नहीं होने से विवाद की स्थिति बन रही है। हाल ही में एक व्यापारी द्वारा आरटीजीएस से भुगतान की बात कहने पर किसान के साथ विवाद और झगड़े की नौबत भी आ गई थी।

वहीं किसानों की मांग है कि इस पूरे मामले में उनकी कोई गलती नहीं है, लेकिन सबसे ज्यादा परेशानी उन्हें ही उठानी पड़ रही है। उनका कहना है कि पहले दो लाख रुपए तक नगद भुगतान मिल जाता था, लेकिन अब 10 हजार रुपए तक की सीमा की बात की जा रही है, जो उनकी जरूरतों के लिए नाकाफी है। कई किसानों ने बताया कि शादी-ब्याह और खेती के खर्च के चलते उन्हें तुरंत नगदी की जरूरत होती है, जबकि आरटीजीएस से भुगतान में दो-तीन दिन लग जाते हैं। मंडी में डाक बंद होने से किसानों की उपज की खरीदी भी प्रभावित हुई है। किसानों और व्यापारियों दोनों ने प्रशासन से जल्द समाधान निकालने की मांग की है, ताकि मंडी की व्यवस्था सुचारू रूप से संचालित हो सके।

Vikram singh tomar
Author: Vikram singh tomar

DWARKA NEWS NATIONAL NETWORK

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