गुना रेलवे अंडरपास बदहाल, छत से टपक रहा पानी और गिर रहे कंक्रीट के टुकड़े; DRM से तत्काल मरम्मत की मांग
द्वारका न्यूज़ | प्रधान संपादक विक्रम सिंह तोमर | 27 अगस्त 2026

गुना। गुना रेलवे स्टेशन एवं EN कार्यालय के समीप स्थित रेलवे अंडरपास की जर्जर हालत को लेकर अब सवाल उठने लगे हैं। यात्री सेवा संगठन मध्य प्रदेश के अध्यक्ष एवं पूर्व पश्चिम मध्य रेलवे रेल उपभोक्ता परामर्शदात्री समिति (ZRUCC) के सदस्य सुनील आचार्य ने मंडल रेल प्रबंधक (DRM) भोपाल सहित संबंधित रेलवे अधिकारियों को पत्र भेजकर अंडरपास का तत्काल निरीक्षण और स्थायी जीर्णोद्धार कराने की मांग की है।
आचार्य के अनुसार यह अंडरपास गुना रेलवे स्टेशन एवं EN कार्यालय से करीब 200 मीटर की दूरी पर है। अंडरपास के दूसरी ओर स्थित श्रीराम कॉलोनी सहित आसपास की दर्जनों कॉलोनियों में रहने वाले हजारों नागरिकों, विद्यार्थियों और रेल कर्मचारियों के लिए यह रोजाना आवागमन का प्रमुख मार्ग है।
बारिश में बढ़ रही परेशानी, छत से टपकता है पानी
अंडरपास के ऊपर से कोटा-बीना और इंदौर रेल लाइन गुजरती हैं। लगातार रेल यातायात के बीच अंडरपास की छत की स्थिति चिंताजनक बताई जा रही है। बारिश के दौरान कई स्थानों से पानी नीचे टपकने के कारण राहगीरों को परेशानी का सामना करना पड़ता है।
कंक्रीट के टुकड़े गिरने की शिकायत, हादसे का खतरा
स्थानीय राहगीरों की शिकायत का हवाला देते हुए सुनील आचार्य ने बताया कि ट्रेनों के गुजरने के दौरान कुछ स्थानों पर अंडरपास की छत से गिट्टी अथवा कंक्रीट के छोटे टुकड़े गिरने की बात सामने आई है। इससे लोगों में भय का माहौल है और किसी बड़ी दुर्घटना की आशंका बनी हुई है।
सड़क पर गहरे गड्ढे, बारिश में बढ़ जाता है खतरा
अंडरपास के अंदर और दोनों ओर की सड़क भी कई स्थानों पर क्षतिग्रस्त है। सड़क पर बने गहरे गड्ढों में बारिश का पानी भर जाने से उनकी गहराई दिखाई नहीं देती। ऐसे में दोपहिया वाहन चालकों और पैदल राहगीरों के लिए दुर्घटना का खतरा बढ़ जाता है।
आचार्य ने बताया कि पूर्व में भी शिकायत मिलने पर संबंधित अधिकारियों को समस्या से अवगत कराया गया था। उस समय सड़क के गड्ढों में डस्ट डलवाकर अस्थायी सुधार किया गया, लेकिन वाहनों के लगातार आवागमन के चलते सड़क दोबारा खराब हो गई। उनका कहना है कि अब स्थायी समाधान जरूरी है।
व्यक्तिगत शिकायत नहीं, नागरिकों की समस्या
सुनील आचार्य ने स्पष्ट किया कि यह उनकी व्यक्तिगत शिकायत नहीं है, बल्कि स्थानीय नागरिकों और राहगीरों ने उन्हें अपनी परेशानी से अवगत कराया है। उन्होंने कहा कि पूर्व में ZRUCC सदस्य के रूप में भी उन्होंने रेल यात्रियों की समस्याओं को रेलवे अधिकारियों के समक्ष उठाया है और अधिकारियों के सहयोग से कई समस्याओं का समाधान हुआ है।
DRM भोपाल से ये मांगें
आचार्य ने DRM भोपाल एवं संबंधित रेलवे अधिकारियों से मांग की है कि अंडरपास का तत्काल तकनीकी निरीक्षण कराया जाए। साथ ही छत से पानी के रिसाव को स्थायी रूप से बंद करने, छत की सुरक्षा जांच एवं आवश्यक मरम्मत कराने तथा अंडरपास और दोनों ओर की क्षतिग्रस्त सड़क का स्थायी निर्माण कराने की कार्रवाई की जाए।
उन्होंने कहा कि यह मार्ग हजारों नागरिकों, विद्यार्थियों और रेल कर्मचारियों के दैनिक आवागमन से जुड़ा है। ऐसे में जनसुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए रेलवे प्रशासन को अंडरपास की जर्जर हालत पर तत्काल संज्ञान लेकर आवश्यक कार्रवाई करनी चाहिए।









