केन-बेतवा परियोजना के खिलाफ आदिवासियों का सत्याग्रह तेज, कांग्रेस ने कहा—जल, जंगल, जमीन की लड़ाई में पूरी ताकत से साथ
द्वारका न्यूज़
प्रधान संपादक विक्रम सिंह तोमर
14 अगस्त 2026
विशेष संवाददाता नई दिल्ली

भोपाल/मध्यप्रदेश। केन-बेतवा परियोजना के विरोध में आंदोलन कर रहे आदिवासी सत्याग्रहियों से मुलाकात कर कांग्रेस नेताओं ने उनकी समस्याएं और पीड़ा करीब से समझीं। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि परियोजना के चलते वर्षों से बसे गांवों के डूबने, घरों के उजड़ने और विस्थापन का संकट खड़ा हो गया है, जिसके कारण आदिवासी समाज आंदोलन के लिए मजबूर है।
कांग्रेस का कहना है कि शांतिपूर्ण सत्याग्रह के दौरान पुलिस बल का इस्तेमाल कर प्रदर्शनकारियों की आवाज दबाने की कोशिश की गई। पार्टी ने सरकार से मांग की कि प्रभावित परिवारों को न्यायपूर्ण मुआवजा, सम्मानजनक पुनर्वास और उनके अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।
कांग्रेस ने कहा कि आदिवासी समाज के लिए जल, जंगल और जमीन महज संसाधन नहीं, बल्कि उनकी जीवनरेखा हैं। पार्टी ने विस्थापित परिवारों के न्यायपूर्ण संघर्ष में मजबूती से साथ खड़े रहने का भरोसा दिलाया।





