E20 पेट्रोल पर बड़ा खुलासा: 18 राज्यों में मानक से कई गुना ज्यादा क्लोराइड, ऑटो कंपनियों की बढ़ी चिंता
द्वारका न्यूज़
प्रधान संपादक विक्रम सिंह तोमर
15 अगस्त 2026

नई दिल्ली। E20 पेट्रोल को लेकर देश में जारी बहस के बीच रॉयटर्स की रिपोर्ट ने ऑटो इंडस्ट्री की चिंताओं को सामने ला दिया है। रिपोर्ट के मुताबिक मारुति सुजुकी, टाटा मोटर्स और महिंद्रा समेत प्रमुख कंपनियों ने 21 राज्यों में 250 से ज्यादा पेट्रोल पंपों से ईंधन के नमूने जुटाकर जांच की। इनमें 18 राज्यों के सैंपल में क्लोराइड और नमी की मात्रा तय मानकों से काफी अधिक पाई गई।
सरकारी मानक के अनुसार पेट्रोल में क्लोराइड की सीमा 3 ppm बताई गई है, जबकि उद्योग के साझा आंकड़ों में राजस्थान में यह 570 ppm, दिल्ली में 420 ppm और महाराष्ट्र में 357 ppm तक दर्ज किया गया। कुछ राज्यों में नमी की मात्रा भी निर्धारित सीमा से कई गुना अधिक मिली।
लीक हुए आंतरिक ईमेल में ऑटो कंपनियों के अधिकारियों ने आशंका जताई कि दूषित ईंधन से फ्यूल सिस्टम और इंजन को नुकसान हो सकता है। एक अधिकारी ने ऑर्गेनिक क्लोराइड को तेजी से वाहन खराब होने से जोड़ा और करीब 200 किलोमीटर के भीतर इंजन संबंधी समस्या की आशंका जताई। हालांकि, ये उद्योग के आंतरिक आकलन हैं और इनके आधार पर E20 से होने वाले नुकसान का अंतिम निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता।
वहीं सरकार और तेल कंपनियां E20 को सुरक्षित बता रही हैं और बड़े पैमाने पर जांच में केवल सीमित प्रदूषण मामलों का दावा किया गया है। महिंद्रा ने भी रिपोर्ट में ईमेल की व्याख्या को गलत बताया है, जबकि मारुति और टाटा ने टिप्पणी नहीं की।
अब सवाल यह है कि E20 की समस्या ईंधन में है या पेट्रोल पंपों के स्टोरेज सिस्टम में—इसका वैज्ञानिक और स्वतंत्र परीक्षण ही तस्वीर साफ करेगा।






