गुरु बने गुनहगार: नाबालिग कराटे खिलाड़ी के शोषण मामले में दो कोचों को उम्रकैद, गुना कोर्ट का बड़ा फैसला
द्वारका न्यूज़
प्रधान संपादक विक्रम सिंह तोमर
संवाददाता मोहनीष भार्गव
गुना। खेल जगत और गुरु-शिष्य परंपरा को झकझोर देने वाले चर्चित नाबालिग खिलाड़ी शोषण मामले में गुना की विशेष पॉक्सो अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है। अदालत ने नाबालिग कराटे खिलाड़ी के साथ शोषण के मामले में दो कराटे प्रशिक्षकों को दोषी मानते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। न्यायालय ने कहा कि आरोपियों ने प्रशिक्षक और गुरु के रूप में मिले विश्वास का गंभीर दुरुपयोग किया।
अभियोजन के अनुसार वर्ष 2021 में पड़ोसी जिले की रहने वाली नाबालिग खिलाड़ी ने गुना के कैंट थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। पीड़िता ने बताया था कि वर्ष 2017 से वह कराटे प्रशिक्षण के लिए नियमित रूप से गुना आती थी। इसी दौरान उसका संपर्क दोनों प्रशिक्षकों से हुआ, जिन्होंने खेल प्रशिक्षण और प्रतियोगिताओं के दौरान अपने पद का दुरुपयोग किया।
जांच के दौरान पुलिस ने पीड़िता के बयान, दस्तावेजी साक्ष्य और अन्य परिस्थितिजन्य तथ्यों को अदालत में प्रस्तुत किया। अभियोजन पक्ष ने तर्क दिया कि आरोपियों ने नाबालिग की उम्र और परिस्थितियों का फायदा उठाकर विश्वास तोड़ा।
विशेष पॉक्सो अदालत ने उपलब्ध साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर दोनों आरोपियों को दोषी करार देते हुए कठोर सजा सुनाई। फैसले को नाबालिगों की सुरक्षा और न्याय व्यवस्था के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।







