बस्ता कंधे पर, नीचे उफनती बेतवा… 9 पिलरों पर मौत का सफर तय कर स्कूल पहुंच रहे मासूम, हाई कोर्ट ने लिया स्वतः संज्ञान
स्पेशल रिपोर्ट: विक्रम सिंह तोमर
द्वारका न्यूज़ नेशनल नेटवर्क
विदिशा। मध्य प्रदेश के विदिशा जिले से इंसानियत को झकझोर देने वाली तस्वीर सामने आई है।
यहां ककरुआ और आसपास के गांवों के दर्जनों स्कूली बच्चे हर दिन अपनी जान जोखिम में डालकर बेतवा नदी पर बने स्टाप डैम के 9 पिलरों को पार कर स्कूल पहुंचने को मजबूर हैं। कंधे पर बस्ता और नीचे उफनती नदी का तेज बहाव—यह खतरनाक सफर बच्चों की रोजमर्रा की मजबूरी बन गया है।
स्टाप डैम के पिलरों के बीच करीब चार फीट का फासला है। बारिश के दौरान नदी का जलस्तर बढ़ने से यह रास्ता और भी जानलेवा हो जाता है। जरा-सी चूक किसी बड़े हादसे का कारण बन सकती है, लेकिन सुरक्षित पुल या वैकल्पिक मार्ग नहीं होने से बच्चे इसी रास्ते से स्कूल जाने को विवश हैं।
मामले का वीडियो और तस्वीरें सामने आने के बाद मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने स्वतः संज्ञान लेते हुए राज्य सरकार से जवाब मांगा है। कोर्ट ने पूछा है कि आखिर स्कूली बच्चों को इस तरह जान जोखिम में डालकर शिक्षा हासिल करने के लिए क्यों मजबूर होना पड़ रहा है और उनकी सुरक्षा के लिए अब तक स्थायी व्यवस्था क्यों नहीं की गई।
ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में पुल निर्माण की मांग वर्षों से की जा रही है, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। उनका कहना है कि जब तक स्थायी पुल नहीं बनता, तब तक बच्चों के सुरक्षित आवागमन की वैकल्पिक व्यवस्था की जानी चाहिए।
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