छतरपुर आंगनवाड़ी भर्ती घोटाला: मेरिट में टॉप उम्मीदवार बाहर, रिश्वत नहीं देने पर नौकरी से वंचित करने का आरोप
द्वारका न्यूज़
प्रधान संपादक विक्रम सिंह तोमर
6 अगस्त 2026
लीड स्टोरी | छतरपुर

मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले में आंगनवाड़ी भर्ती प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। भर्ती में रिश्वतखोरी और अनियमितताओं के आरोपों के बीच एक कथित स्टिंग सामने आने के बाद मामला सुर्खियों में है। आरोप है कि राजनगर परियोजना के पहरा आंगनवाड़ी केंद्र में मेरिट सूची में पहला स्थान प्राप्त करने वाले उम्मीदवार को कथित रूप से रिश्वत नहीं देने पर नियुक्ति से वंचित कर दिया गया, जबकि कम अंक वाले उम्मीदवार का चयन कर लिया गया।
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, जिला कार्यक्रम अधिकारी (DPO) दिनेश दीक्षित से जुड़ा एक कथित स्टिंग और वीडियो भी सामने आया है, जिसमें भर्ती प्रक्रिया के दौरान पैसों की मांग और कथित लेन-देन की चर्चा होने का दावा किया गया है। आरोप यह भी हैं कि जिले में विभिन्न पदों पर नियुक्ति के लिए ₹50 हजार से ₹2 लाख तक की अवैध वसूली की गई।
हालांकि, इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि अभी जांच के अधीन है। मामले के सामने आने के बाद भर्ती प्रक्रिया की निष्पक्षता पर सवाल उठ रहे हैं और प्रशासन से निष्पक्ष जांच तथा दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग तेज हो गई है।






